योगी सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार अवसर पैदा करने के उद्देश्य से आगामी “रोज़गार महाकुंभ 2025” के तहत एक बड़ा अभियान शुरू किया है। सोमवार को प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विधानसभा परिसर से रोज़गार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके साथ इस महाअभियान के जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
सीएम आदित्यनाथ योगी की सरकार ने पिछले सभी सरकारों से सबसे ज़्यादा रोज़गार उत्तर प्रदेश के लोगों को दिया है। 2021 के डेटा के अनुसार योगी सरकार ने चार साल (2017-2021) में 6.65 लाख रोज़गार दिए थे जो की समाजवादी पार्टी के सरकार के 5 साल के कार्यकाल से 3 गुना रहा था। योगी सरकार अपने शुरुवाती दौर से ही युवावों के रोज़गार को लेकर बहुत गंभीर रही है।
मंत्री ने कहा कि राज्य का मिशन स्पष्ट है – “हर हाथ को काम मिले।” श्रम एवं सेवायोजन विभाग द्वारा बीसीएस कंसल्टिंग प्रा. लि., लखनऊ और द इकोनॉमिक टाइम्स ऑफ इंडिया के सहयोग से चलाया जा रहा यह अभियान 26 से 28 अगस्त 2025 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय रोज़गार महाकुंभ तक चलेगा।
हर ज़िले तक पहुंचेगा रोज़गार रथ
विशेष रूप से तैयार किया गया रोज़गार रथ प्रदेश के सभी जिलों में जाएगा। यह बेरोजगार युवाओं से संपर्क करेगा, उनसे बातचीत करेगा और उन्हें महाकुंभ में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा। मंत्री ने कहा कि इसका उद्देश्य युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार अवसरों से जोड़ना है।
सरकार ने एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इस आयोजन के माध्यम से 50,000 से अधिक नौकरियां उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार को उम्मीद है कि एक लाख से ज्यादा युवा पंजीकरण करेंगे, जिनमें 15,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और 35,000 घरेलू अवसर शामिल होंगे।
वैश्विक स्तर पर अवसर
श्रम विभाग ने बताया कि हाल ही में हुई भर्तियों के तहत उत्तर प्रदेश से लगभग 6,000 निर्माण श्रमिकों को इज़राइल भेजा गया है। इस पहल की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। जर्मनी, जापान और इज़राइल में विशेष रूप से नर्सिंग और केयरगिविंग के क्षेत्र में नए अवसर खुले हैं, जिनमें ₹1.5 लाख प्रतिमाह तक का वेतन मिल सकता है। खाड़ी देशों ने भी विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार अवसर उपलब्ध कराए हैं।
प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने रोज़गार संगम पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल नियोक्ताओं, एजेंसियों और नौकरी चाहने वालों को एक ही मंच पर जोड़ता है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन का गठन किया गया है ताकि युवाओं को देश और विदेश दोनों जगह अवसर मिल सकें।
उद्योग, स्टार्टअप और AI प्रशिक्षण
रोज़गार महाकुंभ 2025 में वैश्विक नियोक्ताओं, उद्योग जगत के नेताओं, नीति-निर्माताओं और नौकरी तलाशने वालों को एक मंच पर लाया जाएगा। इसमें 100 से अधिक भर्ती साझेदार, जिनमें 20 अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां शामिल होंगी, भाग लेने की संभावना है। इस आयोजन में एक विशेष AI प्रशिक्षण मंडप होगा, जो डिजिटल कौशल और AI आधारित रोजगार तैयारी पर केंद्रित रहेगा।
एक रोज़गार एवं कौशल प्रदर्शनी में सरकारी पहलों और भविष्य की कौशल आवश्यकताओं को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदेश के स्टार्टअप्स अपनी नवाचारों और समाधान प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री युवा स्टॉल में स्वरोज़गार योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। 10 सेक्टर स्किल काउंसिल्स युवाओं को लक्षित कौशल और अवसरों की दिशा में मार्गदर्शन देंगी।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस तीन दिवसीय आयोजन के दौरान 10,000 से अधिक ऑफर लेटर वितरित किए जाएंगे, जिनमें से 2,000 से ज्यादा विदेशों में नियुक्तियों के लिए होंगे।
कुशल उत्तर प्रदेश की ओर कदम
प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. एम.के. शन्मुगसुंदरम ने कहा कि रोज़गार महाकुंभ 2025 उत्तर प्रदेश को नौकरियों और कौशल उत्कृष्टता का केंद्र बनाने की ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल अवसर पैदा करेगा, बल्कि युवाओं को भविष्य के अनुरूप करियर से जोड़कर राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
रोज़गार महाकुंभ को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां अवसर और आकांक्षा का संगम होता है। यह योगी सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि प्रदेश का हर युवा काम करने, आगे बढ़ने और मजबूत अर्थव्यवस्था में योगदान देने का अवसर पाए।




