उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘उप इलेक्ट्रॉनिक्स घटक निर्माण नीति-2025’ को जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹4.1 लाख करोड़) मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्माण और करीब 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है।
मोबाइल उत्पादन और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि
उत्तर प्रदेश देश के मोबाइल फोन निर्माण में अग्रणी है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्ष 2014-15 में पूरे देश में सिर्फ ₹1.9 लाख करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनते थे, जो 2024-25 में बढ़कर ₹11.3 लाख करोड़ तक पहुंच गए हैं।
मोबाइल उत्पादन 2014-15 के ₹18 हजार करोड़ से बढ़कर अब ₹5.45 लाख करोड़ तक पहुंच चुका है।
वहीं, मोबाइल निर्यात भी ₹1,500 करोड़ से बढ़कर ₹2 लाख करोड़ हो गया है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रदेश से करीब ₹37 हजार करोड़ के इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात किए गए।
10 लाख रोजगार और 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था में सहयोग
नई नीति के चलते प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि अगले पांच वर्षों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख रोजगार सृजित किए जाएं।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादन केंद्र बना प्रदेश
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश मोबाइल उत्पादन के मामले में विश्व का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।
भारत में कुल मोबाइल निर्माण का 60% हिस्सा अब उत्तर प्रदेश में होता है।
इसके साथ ही प्रदेश में निवेशकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर विनिर्माण के लिए अनुकूल आधारभूत संरचना, बिजली, भूमि, कर में छूट, अनुमोदन, लॉजिस्टिक्स एवं संचालन में सहयोग जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
नीति की मुख्य बातें
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग घटक नीति-2025 शीघ्र लागू होगी।
- अगले 5 वर्षों में $50 बिलियन उत्पादन का लक्ष्य।
- 10 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर।
- मोबाइल उत्पादन, निर्यात और हार्डवेयर विनिर्माण में रिकॉर्ड वृद्धि।
- स्टांप शुल्क, बिजली शुल्क, भूमि अनुमोदन, लॉजिस्टिक्स में रियायत।
- दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और लखनऊ, नोएडा, मेरठ, आगरा, यमुना एक्सप्रेसवे जैसे औद्योगिक क्षेत्रों पर खास फोकस।
- नीति लागू होते ही निवेशकों को ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ से त्वरित अनुमति व सहायता प्रदान की जाएगी।
देश की अर्थव्यवस्था भी होगी मजबूत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि नई नीति से प्रदेश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन एवं निर्यात का केंद्र बनाना है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश बड़ेगा, लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा और यूपी देश की 01 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देगा। इसका सकारात्मक प्रभाव देश के अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिलेगा। साथ में भारत के तीसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था बनने में भी मदद करेगी।




