बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (STS) ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया। बागपत में दिल्ली जा रही बस से 200 किलो विस्फोटक बरामद किया गया और दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद उज़ैर और मोहम्मद शहनवाज़ के रूप में हुई है। ये दोनों सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अधिकारियों के अनुसार, 25 अगस्त की देर रात खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस और एटीएस की संयुक्त टीम ने बागपत कस्बे के पास बस को रोका और तलाशी अभियान चलाया।
जांच के दौरान बस के लगेज कम्पार्टमेंट से कई पैकेट बरामद हुए जिनमें उच्च गुणवत्ता का विस्फोटक सामग्री छुपाई गई थी। ये पैकेट अलग-अलग कंटेनरों में पैक कर सामान्य यात्रियों के सामान के बीच छुपाए गए थे, ताकि आसानी से पकड़े न जा सकें। शुरुआती जांच से पता चला है कि यह विस्फोटक भीड़भाड़ वाले इलाके में बड़े स्तर पर तबाही मचा सकता था।
एफआईआर दर्ज, प्रदेश में अलर्ट
गिरफ्तारी के बाद बागपत कोतवाली थाने में आईपीसी की धाराओं, विस्फोटक अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों से एटीएस अधिकारी गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि पूरी साज़िश और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है। वहीं, बस चालक और कंडक्टर से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्हें विस्फोटक सामग्री की जानकारी थी या वे अनजाने में इसमें शामिल हुए। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। परिवहन केंद्रों, बस अड्डों और यूपी-दिल्ली मार्ग पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। साथ ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस और एटीएस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सतर्कता ने असंख्य लोगों की जान बचाई और यह सख्त संदेश दिया है कि उत्तर प्रदेश में आतंकवाद किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में यह सबसे बड़ी आतंक-रोधी कार्रवाई में से एक है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को और भी सतर्क कर दिया है। कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर योगी सरकार की सख्ती और चौकसी का यह बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।




