उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जनता दर्शन के दौरान कानपुर की नन्हीं मायरा की स्कूल में एडमिशन कराने की गुहार को तुरंत पूरा करने का भरोसा दिया। यह घटना 1 सितंबर 2025 को सीएम आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान सामने आई। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला।
कानपुर की नन्हीं मायरा की मासूम गुहार
दरअसल मायरा की माँ ने सीएम से कहा कि वह अपनी बेटी का एडमिशन कानपुर के स्कॉर्ट्स वर्ल्ड स्कूल में कराना चाहती हैं। मायरा ने मासूमियत से बताया कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। मुख्यमंत्री ने उसकी बात सुनते ही तुरंत अधिकारियों को उसके स्कूल एडमिशन की व्यवस्था करने को कहा। उन्हें चॉकलेट भी दिया। मायरा की मां ने बताया कि वे काफी समय से एडमिशन कराने की कोशिश कर रही थीं लेकिन सफल नहीं हो पा रही थीं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद उन्हें बड़ी खुशी हुई क्योंकि अब मायरा का और उसके परिवार का सपना पूरा होने जा रहा है।
पिछले उदाहरणों से लगी उम्मीद
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री योगी ने बच्चों के स्कूल एडमिशन में मदद की हो। इस साल जुलाई में मुरादाबाद की पांच साल की बच्ची वाची ने भी मुख्यमंत्री से स्कूल में दाखिले की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री योगी ने तत्काल हुक्म दिया और 4 घंटे के भीतर वाची को मुरादाबाद के एक प्रतिष्ठित स्कूल में नर्सरी क्लास में एडमिशन दिला दिया गया था। इसके अलावा गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने और उसके स्कूल में एडमिशन की भी मुख्यमंत्री ने देखरेख की थी। ये घटनाएं मुख्यमंत्री के जनता के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। इस से यह भी पता चलता है कि कैसे मुख्यमंत्री समाज और लोगो की परेशानियों और गुहार को सुनते रहते है।
जनता दर्शन में सीएम योगी की प्रतिक्रिया
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता की हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हैं और तत्काल समाधान का निर्देश देते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी स्कूल एडमिशन के मामलों को शीघ्रता से निपटाया जाए। उनकी प्राथमिकता प्रदेश के सभी बच्चों को शिक्षा प्रदान करना और उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाना है। इस क्षेत्र में योगी सरकार बड़ी पहल ले रही है।
मायरा की मां जैसे कई अन्य अभिभावक मुख्यमंत्री के इस पहल से उत्साहित हैं। वे मानते हैं कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएंगे और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम प्रदेश के करोड़ों बच्चों व उनके परिवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
इस प्रकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रशासनिक योजनाओं के प्रति संवेदनशील हैं, बल्कि जनता के छोटे से छोटे मामलों पर भी तत्परता से ध्यान देकर उनका समाधान करने वाले नेता के रूप में उभरे हैं। यह पहल प्रदेश में शिक्षा के प्रति उनकी मजबूत प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है।




