मेरठ के लोगों के लिए एक राहत भरी ख़बर सामने आई है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने शहर में उन सरकारी फ्लैट्स की सूची जारी की है, जो अभी तक बिके नहीं हैं। ऐसे में अब घर का सपना देखने वाले लोगों के लिए सुनहरा अवसर खुला है। परिषद की ओर से मेरठ में जागृति विहार (विस्तार) योजना संख्या-11 के अंतर्गत विशेष पंजीकरण योजना “3.0 विस्तार” और “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर फ्लैट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह योजना आगामी 15 सितंबर 2025 तक लागू रहेगी।
सरकारी कर्मचारियों के लिए छूट
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी केवल 50 प्रतिशत भुगतान करके ही फ्लैट पर हक प्राप्त कर सकते हैं। शेष राशि वे बाद में चुका सकते हैं। इससे उन कर्मचारियों को घर खरीदने का आश्वासन मिलेगा, जिनके पास तुरंत पूरी रकम देने की क्षमता नहीं है।
कितने फ्लैट और क्या दाम?
इस योजना में F32 टाइप-2014 (UPRERAPRJ8354) फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 8.61 लाख रुपये से 11.14 लाख रुपये तक तय की गई है। क्षेत्रफल की बात करें तो प्रत्येक फ्लैट लगभग 32.95 वर्ग मीटर का है। फिलहाल परियोजना में कुल 46 फ्लैट्स खाली हैं, जिनके लिए इच्छुक लोग आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण की प्रक्रिया
अब सवाल यह है कि इन फ्लैट्स के लिए आवेदन कैसे किया जाए? तो इसके लिए आवेदक को फ्लैट के कुल मूल्य का 5% पंजीकरण शुल्क सबसे पहले जमा करना होगा। यह राशि जमा किए जाने के बाद ही आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी। भुगतान की सुविधा परिषद द्वारा अधिकृत बैंक में RTGS/NEFT अथवा ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। एक बार पंजीकरण हो जाने के बाद, संबंधित आवेदक के दस्तावेज़ और मूल्य का सत्यापन किया जाएगा और उसके बाद ही आवंटन पत्र जारी होगा।
एकमुश्त भुगतान पर 5% की छूट
दिलचस्प बात यह है कि यदि कोई आवेदक निर्धारित 60 दिनों के भीतर पूरा पैसा एक साथ चुका देता है, तो उसे कुल मूल्य पर 5% की छूट दी जाएगी। हालांकि इस विशेष छूट के अलावा किसी भी प्रकार की अन्य छूट लागू नहीं होगी।
अगर ज्यादा आवेदन आए तो लॉटरी
परिषद ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी विशेष श्रेणी के फ्लैट के लिए आवेदन संख्या उपलब्ध फ्लैट्स से अधिक हो जाती है, तो आवंटन सार्वजनिक लॉटरी के जरिए किया जाएगा। वहीं, जो आवेदक लॉटरी में सफल नहीं होंगे, उन्हें उनकी जमा राशि बिना किसी कटौती या ब्याज के, एक महीने के भीतर वापस कर दी जाएगी।
नियम तोड़ने पर सख्ती
यह भी ध्यान रखना ज़रूरी है कि अगर कोई आवेदक आवेदन में गलत जानकारी देता है, तो उसका पंजीकरण रद्द किया जाएगा और जमा राशि भी जब्त कर ली जाएगी। साथ ही यह योजना केवल आवासीय उपयोग के लिए है; इसलिए यदि आवंटित संपत्ति का उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया तो आवंटन को रद्द किया जा सकेगा।
कब्जा और रजिस्ट्री का नियम
फ्लैट का मालिकाना हक तभी मिलेगा, जब पूरा भुगतान, रजिस्ट्री शुल्क और स्टाम्प ड्यूटी समय पर जमा कर दी जाएगी। साथ ही संयुक्त पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध है, अर्थात पति-पत्नी मिलकर आवेदन कर सकते हैं। हालांकि एक व्यक्ति केवल एक ही पंजीकरण करा सकेगा।
विशेष परिस्थितियों में निर्णय
यदि पंजीकृत व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो जिलाधिकारी या सक्षम अधिकारी द्वारा जारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के आधार पर पंजीकरण उसके उत्तराधिकारियों के नाम किया जा सकेगा। इसके अलावा परिषद ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विशेष परिस्थिति में आवास आयुक्त का निर्णय अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा।
पात्रता और आवेदन
पात्रता मानदंड काफी सरल हैं। आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। इच्छुक लोग परिषद की आधिकारिक वेबसाइट www.upavp.in पर जाकर “Online Registration For Plots/Houses/Flats” लिंक के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, यह योजना मेरठ के मध्यमवर्गीय परिवारों और खास तौर पर सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहतरीन मौका है। क्योंकि कम कीमत, आसान भुगतान व्यवस्था और सरकारी सुरक्षा के साथ यह फ्लैट्स लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश भी साबित हो सकते हैं। यदि आप घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा अवसर है जिसे हाथ से जाने न दें।




