उत्तर प्रदेश में युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब प्रदेश की हर तहसील में एडवांस्ड स्किल ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों पर युवाओं को न सिर्फ पारंपरिक ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि आधुनिक तकनीक और नई स्किल्स जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सोलर एनर्जी और अन्य नवाचार क्षेत्रों से जुड़े कोर्स भी कराए जाएंगे। इससे छात्रों को अपने घर के आसपास ही उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी।
तहसील स्तर पर एडवांस्ड स्किल ट्रेनिंग
फिलहाल स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत जिला स्तर पर ट्रेनिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। लेकिन कई बार विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को इन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नई व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। सरकार का कहना है कि तहसील स्तर पर सेंटर खुलने से ग्रामीण इलाकों तक कौशल विकास का नेटवर्क पहुंचेगा। गरीब और साधारण परिवारों के बच्चे भी अपने घर के नजदीक ही आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर पाएंगे।
लाखों युवाओं को मिलेगा लाभ
अब तक कौशल विकास मिशन में 15 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया है। इनमें से करीब 7.68 लाख को प्रशिक्षण मिल चुका है और लगभग 6.77 लाख का मूल्यांकन भी किया गया है। बड़ी संख्या में युवाओं का सफलतापूर्वक प्लेसमेंट कराया गया है।
राज्य के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोज़गार दोनों के अवसर खोलेगी। उद्योगों की ज़रूरत को ध्यान में रखकर प्रशिक्षण सामग्री तैयार की जाएगी ताकि युवा सीधे बाज़ार की मांग से जुड़ सकें।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से प्रदेश को कुशल मानव संसाधन मिलेगा। साथ ही, यह कदम युवाओं के भविष्य को मज़बूत बनाने के साथ प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी अहम योगदान देगा।




