संत कबीर वस्त्र एवं परिधान योजना के तहत बनने वाले स्थापित होने वाले 10 पार्कों में निवेश के लिए 659 प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए 1,642 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। निक्षेप सारथी पोर्टल पर प्राप्त निवेश प्रस्तावों के अनुसार वस्त्र एवं परिधान पार्कों में 15,431 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इससे लगभग 1,01,768 रोजगार अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
सहायक इकाइयों के साथ सीईटीपी (सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र) निर्मित किए जाएंगे।
राज्य सरकार उत्तर प्रदेश में निवेश व रोजगार बढ़ाने के लिए लगातार टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और परिधान उद्योगों पर फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के विभिन्न जिलों में 10 वस्त्र एवं परिधान पार्क स्थापित किए जाएं, ये पार्क संत कबीर के नाम पर होंगे। प्रत्येक पार्क 50 एकड़ भूमि पर विकसित होगा और सभी में नवीनतम तकनीकी सुविधाएं होंगी।
वर्तमान में वस्त्र एवं परिधान का वैश्विक बाजार वर्ष 2030 तक 2.3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है और भारत इसमें 8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ते देशों में है। ऐसे परिदृश्य में उत्तर प्रदेश की भागीदारी इस क्षेत्र में निर्णायक सिद्ध हो सकती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निवेश प्रस्तावों के लिए जल्द से जल्द भूमि चिह्नित की जाए और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अथवा नोडल एजेंसी के माध्यम से इनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
टेक्सटाइल पार्कों के लिए सड़कों, बिजली और जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाएं प्राथमिकता पर उपलब्ध कराई जाएंगी। बुनकरों को ताप के लिए पावरलूम को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
राज्य में वाराणसी, मऊ, भदोही, मिर्जापुर, सीतापुर, बाराबंकी, गोरखपुर, मेरठ जैसे पारंपरिक क्लस्टरों में इन पार्कों को एक नया रूप देने की तैयारी है।
इन निवेश प्रस्तावों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को रफ्तार मिलने के साथ ही रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।




