विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है कि युवा कारीगरों को 23 विभिन्न कंपनियां प्रशिक्षण देंगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की टूलकिट और ट्रेनिंग स्कीम में अब 12 नए ट्रेड्स को शामिल किया जाएगा, ताकि युवाओं को आधुनिक और वैश्विक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सके। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें नौकरी देने वाले बनने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
नई ट्रेनिंग स्कीम में 12 नए ट्रेड्स जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री योगी ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ के शुभारंभ के दौरान घोषणा की कि परंपरागत 11 ट्रेड्स के अलावा 12 नए ट्रेड्स को शामिल किया जाएगा। इन ट्रेड्स में मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयरिंग, प्लंबिंग, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस आदि शामिल हैं। इन नए क्षेत्रों को जोड़कर युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और वे वैश्विक बाजार से जुड़ सकेंगे।
23 कंपनियां करेंगी प्रशिक्षण
इस योजना के तहत 23 कंपनियां और संगठन युवा कारीगरों को नई तकनीकों में प्रशिक्षण देंगे। इसमें रेलटेल इंडिया, जीएमआर, शाही एक्सपोर्ट्स, यदुपति, ऊषा इंटरनेशनल, लक्मे, मिस्टर ब्राउन जैसे नाम शामिल हैं। इन कंपनियों का उद्देश्य है कि वे परंपरागत कारीगरों को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करें ताकि वे न केवल अपनी पारंपरिक कला में निपुण हों बल्कि नए तकनीकी रोजगार में भी आगे बढ़ सकें।
युवाओं को जॉब प्रोवाइडर बनाना लक्ष्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जहां 100 रुपये जमा पर केवल 44 रुपये का ऋण मिलता था, वह अब बढ़कर 62 प्रतिशत हो चुका है। सरकार का लक्ष्य इसे 75 प्रतिशत तक बढ़ाना है। इसके अलावा, प्रदेश के 12,000 कारीगरों को टूलकिट और 1.32 लाख करोड़ रुपये का ऋण भी बांटा गया है। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि युवाओं को अपनी खुद की पहचान बनाने में मदद मिल सके और वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर विशेष तोहफा देने की घोषणा की। विश्वकर्मा एक्सपो और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो की बदौलत युवाओं को बड़े बाजार से जुड़ने के अवसर मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रदेश का विकास भी होगा।
यह योजना न केवल युवाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक होगी, बल्कि प्रदेश के सामाजिक और औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवा कारीगर अब आधुनिक तकनीक सीख कर अपने हुनर को बाजार की मांग के अनुसार विकसित कर सकेंगे, जिससे उन्हें रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
यह कदम राज्य सरकार की युवाओं को रोजगार और कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।




