कौशांबी जिले के मंझनपुर कस्बे में जुमे की नमाज के बाद शुक्रवार (19 सितंबर) शाम माहौल अचानक गरमा गया। नमाज शांति से पूरी हो गई थी, लेकिन बाद में कुछ युवकों ने बिना अनुमति जुलूस निकालकर आपत्तिजनक नारेबाजी शुरू कर दी। इनमें “गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सिर तन से जुदा” जैसे भड़काऊ नारे लगाए गए। जुलूस का वीडियो वायरल होते ही हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वीडियो के आधार पर पुलिस हरकत में आई और देर रात एसपी राजेश कुमार के आदेश पर 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। जांच के दौरान शनिवार (20 सितंबर) सुबह पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में ले लिया, जिनमें तीन युवक और सात नाबालिग शामिल हैं। आरोपियों में पिपरी थाना क्षेत्र के निजामपुर पुरैनी निवासी मोहम्मद फैज, मंझनपुर मंसूर नगर निवासी नयाब अहमद और नया नगर का मोहम्मद सैफ प्रमुख नाम हैं।
घटना के बाद हिंदू रक्षा समिति के जिला संयोजक वेद प्रकाश सत्यार्थी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की नारेबाजी से हिंदू समाज में भय और आक्रोश फैल रहा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
हिंदू नेता पर मुस्लिम महिलाओं का हमला
इसी बीच शनिवार को मामला और बढ़ गया। आरोप है कि वेद प्रकाश सत्यार्थी पर मुस्लिम समुदाय की कुछ महिलाओं ने हमला कर दिया। वेद किसी तरह बच निकले और घटना का वीडियो भी बनाया। उन्होंने इस संबंध में पुलिस को तहरीर दी। बताया जा रहा है कि महिलाओं का गुस्सा इसलिए भड़का क्योंकि वही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने 10 लोगों को पकड़ा था।
दूसरी ओर, जैसे ही पुलिस ने हिरासत में लिए गए आरोपियों पर कार्रवाई शुरू की, कस्बे की कई मुस्लिम महिलाएं कोतवाली पहुंचने लगीं। पहले तो सुबह से ही महिलाएं थोड़ी-थोड़ी संख्या में आईं, लेकिन शाम होते-होते 200 से अधिक महिलाएं एक साथ वहां जमा हो गईं। उन्होंने नारेबाजी करते हुए पकड़े गए लोगों को छोड़ने की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए सात नाबालिगों ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांग ली थी। इसलिए उन्हें उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया। हालांकि बाकी तीन आरोपियों को छोड़ने से इंकार कर दिया गया है और उन्हें पुलिस हिरासत में रखा गया है।
एसपी ने साफ कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान कर तलाश में जुटी है।
इस तरह एक मामूली जुलूस से शुरू हुई नारेबाजी ने पूरे कस्बे का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। पुलिस की चौकसी और त्वरित कार्रवाई से हालात काबू में हैं, लेकिन घटनाक्रम ने इलाके में दोनों समुदायों के बीच तनाव जरूर बढ़ा दिया है।




