Thursday, March 26, 2026
होमउत्तर प्रदेशबरेली हिंसा पर सीएम योगी का कहर: 'मौलाना भूल गया था यूपी...

बरेली हिंसा पर सीएम योगी का कहर: ‘मौलाना भूल गया था यूपी में किसका शासन है, जो भाषा समझते थे, उसी में समझाया गया’

सीएम योगी ने कहा, "पहले त्योहारों के समय उत्पात शुरू हो जाते थे। लेकिन अब उपद्रवियों को ऐसी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा कि उनकी सात पीढ़ियां याद रखेंगी। लोगों की कभी-कभी जो बुरी आदतें होती हैं, वे जन्मजात नहीं होतीं, उन्हें सुधारने के लिए डेंटिंग-पेंटिंग करनी पड़ती है। कल आपने बरेली में वैसा ही देखा होगा।"

-

राजधानी लखनऊ स्थित होटल ताज में शनिवार (27 सितंबर) को ‘विकसित उत्तर प्रदेश विज़न 2047’ के तहत एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के विकास और आने वाले समय में प्रदेश के लक्ष्यों पर चर्चा हुई। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और अन्य विकास कार्यों पर विस्तार से बात रखी और अशांति फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी दी।

बरेली हिंसा पर सीएम की दो टूक

सीएम योगी ने कहा, “पहले त्योहारों के समय उत्पात शुरू हो जाते थे। लेकिन अब उपद्रवियों को ऐसी सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा कि उनकी सात पीढ़ियां याद रखेंगी। लोगों की कभी-कभी जो बुरी आदतें होती हैं, वे जन्मजात नहीं होतीं, उन्हें सुधारने के लिए डेंटिंग-पेंटिंग करनी पड़ती है। कल आपने बरेली में वैसा ही देखा होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “एक मौलाना भूल गया था कि शासन किसका है। वह मानता था कि सड़क जाम कर देंगे और हम कुछ नहीं करेंगे। लेकिन हमने साफ कह दिया कि न तो जाम लगेगा और न ही कर्फ्यू लगेगा। लेकिन जो सबक दिया जाएगा, उससे उसकी आने वाली पीढ़ियां दंगा करना भूल जाएंगी। यह तरीका सही नहीं है कि आप सिस्टम को ब्लॉक करें। 2017 से पहले यह आम बात थी। लेकिन 2017 के बाद हमने कर्फ्यू भी नहीं लगने दिया और उपद्रवियों को उनकी ही भाषा में समझाते हुए सजा दिलवाई।”

परिवारवाद और जातिवाद को बताया बीमारी

सीएम योगी ने परिवारवाद और जातिवाद को बीमार मानसिकता बताते हुए कहा, “इसी बीमार मानसिकता ने यूपी को बीमारू राज्य बना दिया था। परिणामस्वरूप दंगे होते थे। दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास में बुलाकर सम्मानित किया जाता था, उनकी आवभगत की जाती थी। पेशेवर अपराधियों और माफियाओं के सामने सत्ता झुक जाती थी। यहां तक कि सत्ताधारी उनके कुत्तों तक से हाथ मिलाते थे। हर जिले में एक न एक माफिया को समानांतर सरकार चलाने की छूट दी गई थी।”

ऐतिहासिक संदर्भ और आर्थिक दृष्टिकोण

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “11वीं सदी में भारत की आबादी करीब 60 करोड़ थी और यह आर्थिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था। चंद्रगुप्त मौर्य के समय ग्लोबल इकॉनमी में भारत की हिस्सेदारी 40% थी, जो 11वीं सदी में घटकर 30% हो गई। 17वीं सदी तक यह 25% तक सिमट गई। उस समय आधी से अधिक आबादी खेती पर और बाकी लघु एवं कुटीर उद्योगों पर निर्भर थी। अंग्रेजों ने देश में रासायनिक पदार्थ और पेस्टिसाइड भेजे, जिनका आरंभिक परिणाम अच्छा रहा, लेकिन बाद में इसके दुष्परिणाम सामने आए।”

‘ऐसे लोगों के लिए बुलडोजर बनाया’

सीएम योगी ने कहा, “समाज को झूठे नारों से गुमराह करने वाले और जाति-धर्म के नाम पर बांटने वाले लोगों के लिए मैंने बुलडोजर बनाया है। आज़ादी के समय भारत का विश्व अर्थव्यवस्था में योगदान एक-तिहाई से ज्यादा था, लेकिन बाद में यह घटकर केवल 2% रह गया था। भारत 11वीं अर्थव्यवस्था तक सीमित हो गया था। आज यह चौथे स्थान पर पहुंच चुका है और जल्द ही तीसरे स्थान पर होगा।”

यूपी की प्रगति पर योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के लोगों की भी आकांक्षाएं हैं। 1947 में आज़ादी के समय यूपी का योगदान भारत की आर्थिक प्रगति में 14% था। 2016 में जब हम सत्ता में आए तो यह घटकर केवल 8% रह गया और प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था बन गया था। पिछले साढ़े आठ वर्षों में हर क्षेत्र में जो प्रगति हुई है, वह सबके सामने है। पहले तो वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर की कल्पना भी सपना लगता था। त्योहारों के समय उपद्रव होना आम बात थी, लेकिन अब उपद्रवियों को सबक ऐसा मिलेगा कि सात पीढ़ियां याद रखेंगी। उनकी बुरी आदतों को सुधारने के लिए डेंटिंग-पेंटिंगकरनी पड़ती है।”

UP4India Desk
UP4India Deskhttps://up4india.com
UP4India is an independent digital platform that presents news, opinions, culture, and social issues related to Uttar Pradesh and India with an unbiased perspective. Our mission is to inform, educate, and inspire people. We are committed to bringing ground realities to light and amplifying the voice of public interest. Your trust is our greatest strength. Here, you will find not only the latest news but also in-depth analysis and special reports. We believe in transparency, accuracy, and balanced reporting. UP4India strives to provide a platform for the voice of every citizen.
- Advertisment -
Google search engine

Must Read