मुरादाबाद जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यालय का आवंटन मंगलवार (16 सितंबर) को प्रशासन ने रद्द कर दिया। इसके साथ ही पार्टी के जिलाध्यक्ष को कोठी खाली करने के लिए दो हफ्ते की मोहलत दी गई है। इससे पहले 30 जुलाई को जिलाधीश ने जिला अध्यक्ष जयवीर सिंह यादव को नोटिस जारी कर एक माह का समय दिया था। इसके बाद जिलाध्यक्ष ने 28 अगस्त को अपना पक्ष रखते हुए जवाब दिया था, लेकिन सुनवाई के बाद जिला प्रशासन ने शासनादेश का हवाला देते हुए आवंटन समाप्त कर दिया।
15 साल के जगह 31 साल से आवंटित था कार्यालय
शासनादेश में यह स्पष्ट है कि किसी भी आवासीय या व्यवसायिक भवन का आवंटन 15 वर्ष से अधिक समय तक नहीं हो सकता। जबकि सपा कार्यालय कोठी में 31 वर्षों से संचालित हो रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी पीलीभीत नगर पालिका द्वारा मात्र 115 रुपये मासिक किराए पर उपलब्ध कराई गई जमीन पर सपा कार्यालय को लेकर नाराजगी जताई थी। मुरादाबाद का मामला भी लगभग उसी तरह का है।
ग्राम छावनी की नजूल भूमि पर बनी कोठी नंबर-4 को वर्ष 1994 में तत्कालीन सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को सरकार के आदेश से केवल 250 रुपये मासिक किराए पर आवंटित किया गया था। जिलाधिकारी ने नोटिस में बताया कि मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद इस कोठी का नामांतरण पार्टी ने न तो कराया और न ही कोई अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाई। यह जमीन नजूल की श्रेणी में आती है और इसका प्रबंधन नगर निगम मुरादाबाद करता है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कोठी खाली न किए जाने पर एक हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लिया जाएगा।
डीएम अनुज सिंह का कहना है कि नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आवंटन निरस्त किया गया है और दो सप्ताह की समयसीमा तय की गई है। वहीं, सपा जिला अध्यक्ष कहना है कि उन्हें इस विषय में कोई नोटिस नहीं मिला। उनका कहना है कि नोटिस मिलने पर ही वे उचित निर्णय लेंगे।
28 अगस्त को जिलाध्यक्ष ने एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय को किराए की रसीदों और पुराने दस्तावेज सौंपते हुए कहा था कि दिसंबर 2025 तक का किराया भुगतान किया जा चुका है, इसलिए पार्टी का कब्जा कानूनी रूप से सही है।




