बरेली में रविवार (21 सितंबर) को ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे बैनर और पोस्टर हटवाने को लेकर पुलिस और लोगों के बीच विवाद हो गया। मामला शहर के किला थाना क्षेत्र का है। यहां थाना प्रभारी सुभाष कुमार अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। उन्होंने इलाके से ‘आई लव मुहम्मद’ लिखे पोस्टर हटाने की बात कही। इस पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध किया और पुलिस से बहस हो गई। इसी बीच इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के नेता और मौलाना तौकीर रजा खान के समर्थक डॉ. नफीस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में डॉ. नफीस पुलिस इंस्पेक्टर को धमकी देते हुए कह रहे हैं कि मैंने इंस्पेक्टर से साफ कह दिया कि उसका हाथ काट दूंगा और वर्दी उतरवा दूंगा। वीडियो वायरल होने के बाद किला थाना पुलिस ने डॉ. नफीस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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कई जिलों में तनाव और विरोध
‘आई लव मोहम्मद’ बैनर लगाने का मामला पूरे उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड तक फैल गया है। उत्तर प्रदेश के कानपुर, उन्नाव, लखनऊ और बरेली समेत कई जिलों में इसे लेकर बवाल हुआ। कहीं पुलिस ने लाठीचार्ज किया तो कहीं लोगों ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया। कुछ जगह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हुए, जबकि कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
यह विवाद बारावफात जुलूस के दौरान शुरू हुआ था। जब मुस्लिम समाज की ओर से इस नारे वाले बैनर लगाए गए, तो हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद स्थिति कई जगह बिगड़ी। कहीं पुलिस और भीड़ के बीच झड़प और पथराव हुआ, तो कहीं भड़काऊ नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन देखने को मिले। हालांकि कुछ इलाकों में यह विरोध शांति के साथ भी हुआ। पुलिस ने अधिकांश जगहों पर मुकदमे दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।




