प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (23 अगस्त) को घोषणा की कि भारत जल्द ही 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) निर्यात करना शुरू करेगा। उन्होंने यह ऐलान इकॉनमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम को संबोधित करते हुए किया।
मोदी ने कहा कि इस पहल से जुड़े एक “बहुत बड़े कार्यक्रम” का आयोजन मंगलवार, 26 अगस्त को किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इसके बारे में और ज्यादा जानकारी साझा नहीं की।
उन्होंने कहा, “मैं आपको भारत की एक और उपलब्धि बताना चाहता हूं। भारत अब दुनिया के 100 देशों में इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात करने जा रहा है। इसका एक बहुत बड़ा कार्यक्रम दो दिन बाद 26 अगस्त को आयोजित किया जा रहा है।”
साल 2025 में बाजार में आएगी देश की पहली घरेलू चिप
प्रधानमंत्री ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि देश की पहली देश में ही निर्मित सेमीकंडक्टर चिप इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध होगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि भारत ने कई दशक पहले सेमीकंडक्टर निर्माण का अवसर गंवा दिया था, लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं।
मोदी ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण 50-60 साल पहले शुरू हो सकता था, लेकिन यह मौका भी हाथ से निकल गया। स्थिति लंबे समय तक यही रही। लेकिन आज हमने इसे बदल दिया है। देश में सेमीकंडक्टर से जुड़ी फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं।”
भारत में बढ़ता सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है—
- गुजरात के ढोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ताइवान की PSMC की साझेदारी में फैब प्लांट को फरवरी 2024 में मंजूरी मिली थी। इसे 2026 के अंत तक उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है।
- माइक्रोन टेक्नोलॉजी का एटीएमपी प्लांट (Sanand, गुजरात) का निर्माण 2023 में शुरू हुआ और इसका पहला चरण 2025 की शुरुआत में चालू हो जाएगा।
- मोरीगांव, असम में टाटा सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (TSAT) यूनिट को फरवरी 2024 में स्वीकृति मिली और 2025 तक इसके शुरू होने की संभावना है।
- इसके अलावा सीजी पावर और केन्स सेमिकॉन की यूनिट्स (Sanand) तथा एचसीएल-फॉक्सकॉन की संयुक्त परियोजना (जेवर एयरपोर्ट, उत्तर प्रदेश) को मई 2025 में मंजूरी दी गई।
भविष्य की रणनीति
ये सभी प्रगति भारत के प्रयासों को दिखाती है कि वह एक मजबूत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार कर रहा है और खुद को ग्रीन मोबिलिटी और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों के बड़े पैमाने पर निर्यात और मेड-इन-इंडिया चिप लॉन्च करने की योजना के साथ भारत का लक्ष्य अब वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका को और मजबूत करना है।
