राजधानी लखनऊ में शुक्रवार (5 सितंबर) को शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत शाम 4 बजे हुई। सीएम योगी ने परिषदीय शिक्षा के 66 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना के लिए प्रधानाचार्यों को टैबलेट और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
‘गुरु दीपक की तरह है’-शिक्षा राज्य मंत्री
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस केवल सम्मान का दिन नहीं है, बल्कि शिक्षकों के योगदान को प्रणाम करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राष्ट्र के शिल्पकार थे। गुरु उस दीपक की तरह है जो स्वयं जलकर दूसरों का मार्ग प्रकाशित करता है।
शिक्षा विभाग की छवि बदली
संदीप सिंह ने कहा कि पिछले आठ साल में बेसिक शिक्षा विभाग की छवि बदली है। अब प्रदेश में हर बच्चे को बिना भेदभाव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि गुल्लक किताब बच्चों की कल्पनाशक्ति को नया आयाम देगी और “बाल वाटिका हस्त पुस्तिका” का भी विमोचन किया जा रहा है।
डिजिटल शिक्षा और नई पहल
मंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश में एनईपी के तहत लर्निंग बाय डूइंग, डिजिटल एजुकेशन और ऑपरेशन कायाकल्प जैसी पहलें लागू की जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, टैबलेट और नए फर्नीचर से बच्चों को बेहतर माहौल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष से बेसिक शिक्षा में भी एनसीईआरटी की किताबें लागू होंगी। शुरुआत कक्षा 4 से होगी और धीरे-धीरे इसे 8वीं तक लागू किया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में दो सीएम मॉडल कंपोजिट विद्यालय खोलने की योजना है।
2107 स्कूलों का कायाकल्प
माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने बताया कि प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 1104 करोड़ रुपये से 2107 विद्यालयों में सुधार कार्य हुए हैं। साथ ही एडेड विद्यालयों के लिए 134 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिससे 368 विद्यालय लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस मॉडल को नीति आयोग ने भी सराहा है और अन्य राज्यों को इसे अपनाने की सिफारिश की है।
नकल पर सख्त कार्रवाई
गुलाब देवी ने कहा कि वर्ष 2017 से नकल पर पूरी तरह लगाम लगाई गई है। अगर कोई नकल माफिया पकड़ा गया तो उस पर एक करोड़ रुपये का जुर्माना और आजीवन कारावास होगा। मार्कशीट को भी इतना मजबूत बनाया गया है कि उसे न तो फाड़ा जा सकता है और न ही बदला जा सकता है।
‘शिक्षक समाज और सत्ता दोनों के लिए ज़रूरी’
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्वान ही नहीं बनाता बल्कि हमें महान भी बनाता है। आज के दौर में कपटी और क्रूर प्रवृत्तियों की संख्या बढ़ रही है जो समाज के लिए सही नहीं है। ऐसे में शिक्षक की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। सत्ता और समाज दोनों को शिक्षकों की आवश्यकता है।




